हर रोज करे दूध का सेवन और इन प्रकार की बीमारियों को रखे अपने शरीर से दूर

हमारे बडें बुजूर्गों से आपने अक्सर कहते हुएं सुना होगा कि दूध रोजाना सुबह-शाम पीनें से शरीर में ताकत आती हैं। लेकिन कई बार दूध नुकसान भी कर जाता हैं। बता दें कि यह नुकसान कुछ बीमारियों की वजह से हो सकता हैं, जिसमें दूध से परहेज करना बेहद जरूरी हैं। आज इसी विषय में आपको कुछ खास जानकारी बताने जा रहें हैं, जो आपके बेहद काम आ सकती हैं। जिसे जाननें के बाद खुद के शरीर की देख-रेख की जा सकती हैं। आइयें जानें-

गठिया के मरीज को उनके शरीर पर सूजन की वजह से दूध का सेवन करने से परहेज करना चाहिएं। दूध पौष्टिक होता हैं, जो शरीर को स्वस्थ बनाए रखता है। लेकिन इसे लेने के सही तरीके और सही समय आदि के बारे में लोगों को बेहद कम जानकारी होती है।

उबालकर प्रयोग करें– आयुर्वेद की जानकारी के अनुसार कच्चा दूध सिर्फ स्वस्थ गाय का ही लेना चाहिए और उसका फायदा पाने के लिए इसे तुरंत पी लेना चाहिए अतः इसमें कीटाणुओं के पनपने की आशंका बन जाती है। साथ ही इससे चर्म रोग, एलर्जी और उल्टी जैसी समस्याएं भी उतपन्न हो सकती हैं। इसलिए बेहतर है कि हमेशा दूध को उबालकर ही प्रयोग करें, इससे बैक्टीरिया का खतरा नहीं रहता और इसका लाभ कच्चे दूध जैसा ही शरीर को मिल जाता है।

दवा के साथ सेवन- मलेरिया, सामान्य बुखार, सूखी खांसी, निमोनिया, शारीरिक दुर्बलता, हृदय संबंधी रोग, जलन, बवासीर, मिर्गी, मानसिक रोग, हड्डियों व जोड़ों के दर्द आदि में मरीज को दवाओं के साथ दूध अवश्य रूप से लेना चाहिए। इन रोगों में वात और पित्त की अधिकता होती है। दूध पीने से इनकी आशंका भी कम हो जाती है। यह दवाओं की गर्मी को भी शांत करता है।

दस्त, पेचिश, मोटापा, मधुमेह, पीलिया, लिवर की बीमारियां व गठिया के ऐसे रोगी जिनके जोड़ों में सूजन हो, वे दूध का प्रयोग न ही करें, तो बेहतर होगा। दरअसल इन रोगों में पाचन क्रिया कमजोर हो जाती है और दूध भारी होने के कारण आसानी से पच नहीं पाता हैं। जिसकी वजह से मरीज को एसिडिटी, अपच व उल्टी की शिकायत भी हो सकती है।

इन बांतों का रखें हमेशा ध्यान

  • खट्टे फलों के साथ दूध का प्रयोग कभी नही करें। ऐसा करने से बदहजमी, जलन हो सकती है। खाली पेट दूध का सेवन न करें। इसे हमेशा नाश्ते के साथ ही लेना चाहिएं। भारी होने की वजह से यह पेट दर्द की समस्या भी दे सकता है।
  • रात को भोजन करने के करीब एक घंटे बाद ही दूध का सेवन करें। इससे इसका फायदा भी मिलेगा और यह खाने के मिर्च-मसालों की गर्मी को भी शांत कर देगा।
  • दूध को एल्यूमीनियम, कांसे, तांबे या बिना कलईदार पीतल के बर्तन में कभी भी नही उबालना चाहिएं। इससे धातु का अंश दूध में जाने से जी मिचलाना, चक्कर और उल्टी आदि की समस्या भी हो सकती है।

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